
देहरादून: उत्तराखंड 24वां स्थापना दिवस मना रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 3 साल के कार्यकाल के दौरान केंद्र और राज्य सरकार के डबल इंजन की जुगलबंदी खूब नजर आ रही है। इस दौरान केंद्र ने उत्तराखंड को ना सिर्फ नई परियोजनाओं की सौगात दी, बल्कि वर्षों से लंबित परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान कर राज्य के विकास को बढ़ाने का काम किया है।
एम्स सैटेलाइट सेंटर
तीर्थनगरी ऋषिकेश में पहले ही एम्स अपनी सेवाएं दे रहा है, अब केंद सरकार ने यूएसनगर के किच्छा में भी एम्स का सैटेलाइट सेंटर मंजूर कर दिया है। एम्स किच्छा का अगले साल तक काम शुरू करने की उम्मीद है। इससे कुमांऊ के साथ ही तराई क्षेत्र के मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
इधर, केंद्र सरकार ने इसी साल हरिद्वार में मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए एमबीबीएस की 100 सीटें मंजूर की है, जबकि दो साल पहले अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के लिए भी 100 सीटें मंजूर की जा चुकी है। इस तरह बीते दो साल में ही राज्य को एमबीबीएस की 200 अतिरिक्त सीटें मिली हैं।
एक्सप्रेसवे पर जल्द फर्राटा भरेंगे वाहन
केंद्र सरकार की मदद से दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे पर तेजी से काम चल रहा है। इस एक्सप्रेस वे की खासियत राजाजी राष्ट्रीय पार्क के हिस्से में निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड है, एलिवेटेड रोड का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। एक्सप्रेस वे बनने से दिल्ली से देहरादून का सफर ढाई घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। जबकि अभी इसमें पांच से छह घंटे लगते हैं।
इसी क्रम में केंद्र सरकार ने गढ़वाल और कुमांऊ की भौगोलिक दूरी कम करने के लिए, नजीबाबाद – अफजलगढ़ बाईपास को भी मंजूर कर दिया है। बीते तीन साल ग्रामीण सड़कों के निर्माण के मामले में बेमिसाल साबित हुए हैं। इस दौरान उत्तराखंड में पीएम ग्रामीण सड़क योजना के तहत कुल 1481 किमी लंबाई युक्त 519 सड़कों का निर्माण किया गया, जिस कारण 250 सौ से अधिक आबादी वाले 35 नए गांवों तक सड़क पहुंच पाई।
केंद्र सरकार ने सामरिक महत्व की ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अब इस पर ट्रैक बिछाने का काम भी शुरू होने जा रहा है। इसके साथ ही बागेश्वर-टनकपुर, बागेश्वर-गैरसैंण, ऋषिकेश-उत्तरकाशी और देहरादून-सहारनपुर रेलवे लाइनों की डीपीआर बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।